कोई टाइटल नहीं



बड़े नादान हैं चूहे

कमाते तो हैं नहीं

भूख के गोदाम में

भर लेते हैं

पसेरी भर फ़सल

असल में

नेता भी यही करते हैं

मन भर आलू, पालक, गेहूँ चरते हैं

उनका क्या...?

इधर किसान भूखों मरते हैं


~ सुरेंद्र प्रजापति


#विचार# 





कुछ विचार आते हैं
कुछ आकर चले जाते हैं
कुछ विचार, विचार नहीं होते
कुछ विचार विचार होते हैं
चुनना कठिन है
गुनना हास्यापद
आते विचार भ्रमित करते  हैं
जाते विचार प्रेरित
लेकिन तब हम, हम होते हैं
तब हम, हम नही होते हैं
 
@सुरेन्द्र प्रजापति
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